1
00:00:02,000 --> 00:00:07,000
Downloaded from
YTS.MX

2
00:00:08,000 --> 00:00:13,000
Official YIFY movies site:
YTS.MX

3
00:01:26,879 --> 00:01:31,508
मेरी माँ मानती हैं
कि ख्वाब आने वाला कल बयान करते हैं।

4
00:01:34,052 --> 00:01:37,848
किसी बुरे ख्वाब को मिटाने के लिए,
उसे पानी के आगे बयान करो।

5
00:01:40,517 --> 00:01:45,647
मेरी मंगनी के बाद,
मुझे ख्वाब में रॉज़े-इ-शरीफ़ दिखा।

6
00:01:48,442 --> 00:01:51,445
लोग दुआ कर रहे थे,
आम ज़िंदगी बसर हो रही थी।

7
00:02:06,502 --> 00:02:08,586
अचानक से, बिजली चमकी।

8
00:02:24,186 --> 00:02:27,648
रोटी बनानेवाले ताबूतों में
रोटी लेकर जा रहे थे।

9
00:02:49,753 --> 00:02:52,840
अचानक, आसमान से पत्थर बरसने लगे।

10
00:02:57,928 --> 00:03:03,684
जब मेरी आँख खुली,
तो मैंने वह ख्वाब बारिश को बयान किया।

11
00:03:06,144 --> 00:03:07,645
ब्रेड & रोज़ेज़

12
00:03:07,646 --> 00:03:09,564
ऐ ऊँटवान,

13
00:03:09,565 --> 00:03:12,817
धीमे चल,

14
00:03:12,818 --> 00:03:19,199
तेरे हाथों में मेरी रूह है।

15
00:03:19,783 --> 00:03:25,581
उसने मेरा दिल लिया,

16
00:03:26,081 --> 00:03:31,795
और अपने साथ ले गई।

17
00:03:32,629 --> 00:03:38,509
दूल्हे की हैसियत के मुताबिक,
दहेज़ तय होता है।

18
00:03:38,510 --> 00:03:45,475
शरिया कानून के तहत कोई पक्की रकम नहीं है।

19
00:03:49,229 --> 00:03:55,027
दो सालों के प्रेमसंबंध के बाद,
हमारी मंगनी हुई।

20
00:03:55,903 --> 00:03:58,613
रस्म में, वह मर्दों के साथ था,

21
00:03:58,614 --> 00:03:59,906
और मैं औरतों के साथ।

22
00:03:59,907 --> 00:04:10,918
- तुम्हें यह रिश्ता कबूल है?
- मुझे कबूल है।

23
00:04:27,059 --> 00:04:30,645
{\an8}चौदह अगस्त, 2021:
ज़ाहरा और ओमिद की मंगनी की रस्म

24
00:04:30,646 --> 00:04:32,022
ओमिद
जनम

25
00:04:49,248 --> 00:04:51,041
{\an8}आगे उस शाम।

26
00:04:58,465 --> 00:05:00,509
तालिबान हाय-हाय!

27
00:05:03,554 --> 00:05:05,973
अफ़गानिस्तान ज़िंदाबाद!

28
00:05:11,061 --> 00:05:14,898
{\an8}पंद्रह अगस्त, 2021:
तालिबान काबुल में घुस आया।

29
00:05:24,783 --> 00:05:27,369
अल्लाह-हू-अकबर!

30
00:06:37,231 --> 00:06:39,607
- वीडियो लो!
- ले रही हूँ!

31
00:06:39,608 --> 00:06:44,237
इसलामी सेना के सैंकड़ों लोग हैं।

32
00:06:44,238 --> 00:06:50,159
उन्होंने हमें चारों तरफ़ से घेर रखा है।

33
00:06:50,160 --> 00:06:51,577
हम बस 12 औरतें हैं।

34
00:06:51,578 --> 00:06:53,497
पर फिर भी, हम विरोध कर रही हैं।

35
00:07:19,731 --> 00:07:22,776
कहा न,
वीडियो बना रही हूँ, फ़ोन मत करना।

36
00:07:35,289 --> 00:07:36,874
बिजली नहीं है क्या?

37
00:07:44,923 --> 00:07:46,340
{\an8}ज़ाहरा
डेंटिस्ट

38
00:07:46,341 --> 00:07:48,552
{\an8}यह जेनरेटर चल नहीं रहा।

39
00:07:54,516 --> 00:07:57,311
तालिबान ने अभी तक
डॉक्टरों को परेशान नहीं किया।

40
00:07:58,020 --> 00:08:03,316
हालांकि उन्होंने मुझे
क्लीनिक के बोर्ड से अपना नाम हटाने को कहा।

41
00:08:03,317 --> 00:08:07,154
उम्मीद है कि मेरे दफ़्तर को
बंद करने की नौबत न आए।

42
00:08:08,280 --> 00:08:10,531
मेरा नकाब कहाँ है?

43
00:08:10,532 --> 00:08:12,743
डॉ. ज़ाहरा मोहम्मदी
(डेंटल इंप्लाट वर्कशॉप)

44
00:08:27,716 --> 00:08:30,594
कुछ दिनों तक,
ठंडे या गर्म पानी से परहेज़ रखें।

45
00:08:31,261 --> 00:08:32,513
फिर वापस यहाँ आइएगा।

46
00:08:47,778 --> 00:08:49,196
जमील, मेरे कैमरे में देखो।

47
00:08:55,285 --> 00:08:59,748
हम कल छह बजे से यहाँ हैं...

48
00:09:00,916 --> 00:09:02,792
{\an8}ज़रा अपना चेहरा देखूँ।

49
00:09:02,793 --> 00:09:04,460
{\an8}तारानोम
कार्यकर्ता

50
00:09:04,461 --> 00:09:08,422
{\an8}हम कल छह बजे से
हवाई अड्डे पर इंतज़ार कर रहे हैं।

51
00:09:08,423 --> 00:09:12,134
कई दरवाज़ों पर कोशिश की,
पर हम आगे नहीं जा पाए।

52
00:09:12,135 --> 00:09:13,553
अल्लाह हमारी मदद करे।

53
00:09:13,554 --> 00:09:15,513
हम 30, 40 जन थे।

54
00:09:15,514 --> 00:09:17,014
आधे निराश होकर घर लौट गए।

55
00:09:17,015 --> 00:09:18,766
बाकियों ने अब भी हिम्मत नहीं हारी।

56
00:09:18,767 --> 00:09:19,977
अल्लाह हमारी मदद करे।

57
00:09:20,602 --> 00:09:22,604
तुम दोनों, संभलकर!

58
00:09:25,190 --> 00:09:27,651
तुम दोनों के लिए मज़ेदार यादें हैं।

59
00:09:28,569 --> 00:09:30,153
तुम लोग छोटे हो।

60
00:09:31,446 --> 00:09:32,864
{\an8}राहिला
कार्यकर्ता

61
00:09:32,865 --> 00:09:37,118
{\an8}राहिला, ज़ोहरा, फ़र्ज़ाना, मीना और मैं।

62
00:09:37,119 --> 00:09:40,873
और इस तरफ़ मर्द हैं। सामी...

63
00:09:41,248 --> 00:09:43,458
ज़रा मेरी तरफ़ देखो, जमील!

64
00:09:45,961 --> 00:09:47,920
हम अभी भी इंतज़ार कर रहे हैं।

65
00:09:47,921 --> 00:09:52,425
हमने हर दरवाज़े पर कोशिश की,
पर कोई फ़ायदा नहीं हुआ।

66
00:09:52,426 --> 00:09:57,764
यह दरवाज़ा नंबर एक है,
और यहाँ काफ़ी भीड़ है।

67
00:09:58,432 --> 00:10:01,518
बदकिस्मती से,
ये लोग आँसू गैस छोड़ रहे हैं।

68
00:10:02,144 --> 00:10:09,151
अभी भी काफ़ी अफ़रा-तफ़री है,
धमाके हो रहे हैं...

69
00:10:14,239 --> 00:10:19,369
एक उदास और बिखरे हुए शहर को सलाम।

70
00:10:20,037 --> 00:10:21,538
काबुल।

71
00:10:31,340 --> 00:10:32,757
{\an8}शरीफ़ा
पुरानी सरकारी मुलाज़िम

72
00:10:32,758 --> 00:10:37,971
{\an8}पिछले महीने, मेरे दफ़्तर से
अफ़गानी झंडा उतार दिया गया।

73
00:10:40,516 --> 00:10:42,767
और मुझे घर पर रहने के लिए मजबूर किया गया।

74
00:10:42,768 --> 00:10:45,686
हमारा जुलूस मिनिस्ट्री ऑफ़ वर्चू

75
00:10:45,687 --> 00:10:48,482
एन्ड वाइस के अफ़सरों
और उनकी गाड़ियों ने रोक दिया।

76
00:10:49,316 --> 00:10:52,193
जब तीन तालिबान मुझे ज़ोरों से पीट रहे थे,

77
00:10:52,194 --> 00:10:54,029
बाकी की लड़कियाँ आगे आईं।

78
00:10:54,530 --> 00:10:56,657
मैं तालिबानियों पर चिल्लाई।

79
00:10:58,408 --> 00:11:01,620
अब हम सब टैक्सियों में,
एक-दूसरे से अलग हैं।

80
00:11:07,417 --> 00:11:11,880
डेंटल क्लीनिक
एमडी स्टोमैटोलॉजिस्ट

81
00:11:12,798 --> 00:11:14,466
बोर्ड अंदर है।

82
00:11:15,801 --> 00:11:17,260
{\an8}डॉ. ज़ाहरा मोहम्मदी

83
00:11:17,261 --> 00:11:20,137
{\an8}इसका मुँह सड़क की तरफ़ होना चाहिए।

84
00:11:20,138 --> 00:11:22,098
{\an8}आप जैसा कहें।

85
00:11:22,099 --> 00:11:24,433
{\an8}इसकी झलाई मज़बूती से कीजिएगा

86
00:11:24,434 --> 00:11:27,145
{\an8}ताकि तेज़ हवा या बारिश से बिगड़े नहीं।

87
00:11:31,525 --> 00:11:34,236
{\an8}मैं जाकर तैयारी करता हूँ।

88
00:11:35,070 --> 00:11:37,154
{\an8}आपको और क्या चाहिए?

89
00:11:37,155 --> 00:11:39,824
{\an8}घबराइए मत, मैं जल्दी लौट आऊँगा।

90
00:11:39,825 --> 00:11:43,328
{\an8}जल्द से जल्द आ जाइएगा।

91
00:11:49,626 --> 00:11:55,756
नौकरी, रोटी, तालीम।

92
00:11:55,757 --> 00:12:00,052
अभी तालिबान ने
औरतों को घर पर रहने का हुक्म दिया है।

93
00:12:00,053 --> 00:12:04,223
हमें आगाह किया है कि हम विरोध न करें,
वरना हमें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।

94
00:12:04,224 --> 00:12:05,892
पर हम चुप नहीं बैठेंगी।

95
00:12:05,893 --> 00:12:09,563
हम उन औरतों के लिए आवाज़ उठाएँगी
जिन्हें पहले से कैद किया गया है।

96
00:12:11,023 --> 00:12:12,441
मैं क्या लिखूँ?

97
00:12:12,774 --> 00:12:15,152
मेरे हाथ में दर्द है, मैं नहीं लिख सकती।

98
00:12:16,612 --> 00:12:19,114
विरोध करनेवाली लड़कियों को रिहा करो।

99
00:12:21,909 --> 00:12:24,994
रुको, वजह है--

100
00:12:24,995 --> 00:12:28,290
ऐसा लिखते हैं, "गिरफ़्तारियाँ रोको!"

101
00:12:28,665 --> 00:12:33,669
मुकदमे का हक हर नागरिक को है।

102
00:12:33,670 --> 00:12:35,756
डॉ. ज़ाहरा मोहम्मदी
आपकी मुसकान का खयाल रखनेवाली

103
00:12:44,348 --> 00:12:48,434
जब ओमिद के साथ महंगे रेस्तरां में
जाती हूँ, और वो खाली होते हैं...

104
00:12:48,435 --> 00:12:51,229
...वह कहता है, यह समझो कि हम लंदन में हैं।

105
00:12:51,230 --> 00:12:53,941
बाहर आने पर, कहता है
कि हम फिर से अफ़गानिस्तान में हैं।

106
00:14:04,720 --> 00:14:10,766
इन दिनों एक ही काम से खुशी
मिलती है, अपनी माँ को पढ़ना-लिखना सिखाना,

107
00:14:10,767 --> 00:14:13,604
और अपने भाई की पढ़ाई में मदद करना।

108
00:14:14,104 --> 00:14:16,064
- आपने लिखा?
- हाँ।

109
00:14:17,983 --> 00:14:20,902
साल 2019 में, "वॉशिंग्टन पोस्ट" ने कुछ ऐसे

110
00:14:20,903 --> 00:14:25,448
गुप्त कागज़ात छापे जिनसे अमेरिका की
अफ़गानिस्तान में मौजूदगी का पता चलता है

111
00:14:25,449 --> 00:14:28,535
जो "अफ़गानिस्तान पेपर्स" के
नाम से जाने गए।

112
00:14:37,252 --> 00:14:38,879
आपको समझ में आ रहा है?

113
00:14:39,421 --> 00:14:42,632
अफ़गानिस्तान का गैर पारदर्शी माहौल

114
00:14:42,633 --> 00:14:47,178
अमेरिकी कंपनियों के लिए
सबसे अच्छा मौका था कि वे अमेरिकी पूंजी के

115
00:14:47,179 --> 00:14:50,557
एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर सकें।

116
00:14:51,141 --> 00:14:57,564
फ़ॉक्स न्यूज़ उसे
अप्रत्याशित मुनाफ़ा बताता है।

117
00:14:58,190 --> 00:15:04,738
- यह क्या शब्द है?
- लिखा है कि इंटरनेट...

118
00:15:05,739 --> 00:15:09,993
यूके में हज़ारों दुकानों में
इंटरनेट बिकता है।

119
00:15:10,744 --> 00:15:15,123
शायद लिखा है कि इंटरनेट से ज़्यादा
तेज़ी से बढ़ने वाली कोई और चीज़ नहीं...?

120
00:15:17,292 --> 00:15:23,256
यहाँ खाली जगह नहीं होनी चाहिए।
दोबारा से लिखो।

121
00:15:23,257 --> 00:15:25,551
सड़कों पर संभलकर जाना।

122
00:15:28,011 --> 00:15:29,805
तालिबान लड़कियों को गिरफ़्तार कर रहा है।

123
00:15:35,561 --> 00:15:36,812
कोई फ़ायदा नहीं हुआ।

124
00:15:40,107 --> 00:15:46,113
हमने हर दरवाज़ा खटखटाया,
पर एक भी नहीं खुला।

125
00:15:48,115 --> 00:15:53,245
हमने जो कागज़ात दिए, उन्होंने उनमें से
कोई भी स्वीकार नहीं किया।

126
00:15:53,871 --> 00:15:59,293
हमें रुकना होगा। हमें लड़ना होगा।
इस समय और कोई चारा नहीं है।

127
00:16:01,044 --> 00:16:04,715
तालीम, नौकरी, आज़ादी!

128
00:16:05,799 --> 00:16:08,886
मुझे मत मारो--

129
00:16:09,970 --> 00:16:12,513
{\an8}आज के जुलूस में औरतें अपनी मर्ज़ी से...

130
00:16:12,514 --> 00:16:14,348
{\an8}औरतों को हटाना = इंसानों को हटाना

131
00:16:14,349 --> 00:16:18,102
{\an8}...स्कूलों को बंद किए जाने का,
और टीचरों के काम पर न आने का

132
00:16:18,103 --> 00:16:20,354
{\an8}विरोध करने के लिए इकट्ठा हुईं।

133
00:16:20,355 --> 00:16:23,608
{\an8}अफ़सोस, विरोध में हिंसा भड़क उठी।

134
00:16:23,609 --> 00:16:25,777
{\an8}फिर भी, सभी औरतें एक साथ डटकर खड़ी हैं।

135
00:16:27,654 --> 00:16:31,283
आतंकवादी हाय-हाय!

136
00:16:33,702 --> 00:16:36,204
अभी, जो लड़कियाँ 12वीं तक पढ़ी हैं,

137
00:16:36,205 --> 00:16:38,122
उन्हें घर पर रहना होगा।

138
00:16:38,123 --> 00:16:41,959
उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर,
टीचर बनने के ख्वाब देखे थे।

139
00:16:41,960 --> 00:16:44,378
{\an8}अपने देश की सेवा करने के।

140
00:16:44,379 --> 00:16:48,508
{\an8}बड़े दुख की बात है
कि हमारी बेटियाँ घर पर फंसी बैठी हैं।

141
00:16:48,509 --> 00:16:51,177
{\an8}उनके ख्वाब थे!

142
00:16:51,178 --> 00:16:53,429
{\an8}हमें तालीम और नौकरी का हक होना चाहिए।

143
00:16:53,430 --> 00:16:59,603
नौकरी, रोटी, तालीम!

144
00:17:01,522 --> 00:17:04,691
गरीबी और तकलीफ़ हाय-हाय!

145
00:17:07,069 --> 00:17:11,365
तालीम में राजनीति मत लाइए!

146
00:17:22,251 --> 00:17:26,171
प्लीज़, मैं एक पत्रकार हूँ-- पत्रकार!

147
00:17:35,806 --> 00:17:39,642
इतनी सारी गलत रोक-टोक है,

148
00:17:39,643 --> 00:17:43,897
हमें ठीक से जुलूस नहीं निकालने देते।

149
00:17:45,732 --> 00:17:51,488
हमारे मकसद के शुरू से ही,

150
00:17:52,489 --> 00:17:55,701
वे हाथ में लाठी और डंडे लिए,

151
00:17:56,201 --> 00:18:00,162
हमें रोकने की कोशिश में लगे हैं।

152
00:18:00,163 --> 00:18:04,126
जैसा कि आप देख रहे हैं,
कई पत्रकारों को पीटा गया।

153
00:18:04,835 --> 00:18:06,962
लड़कियो, इस तरफ़ आओ।

154
00:18:24,563 --> 00:18:27,691
अभी गाड़ी में बैठो! अंदर आओ!

155
00:18:28,567 --> 00:18:30,777
वह तुमसे कह रहा है, गाड़ी में बैठो!

156
00:18:32,988 --> 00:18:34,198
मैं नहीं बैठूँगी!

157
00:18:39,453 --> 00:18:42,038
इसे गाड़ी में बिठाओ!

158
00:18:42,039 --> 00:18:44,707
- तुम्हें पुलिस स्टेशन ले जा रहा हूँ।
- कहाँ?

159
00:18:44,708 --> 00:18:48,419
ठीक है, और उसके बाद क्या?

160
00:18:48,420 --> 00:18:51,340
- तुम बस औरतों को धमकाने आए हो?
- मैंने कहा चुप हो जाओ!

161
00:18:51,715 --> 00:18:53,299
तुममें बहुत दम है?

162
00:18:53,300 --> 00:18:55,968
मैंने बात करने से मना किया।
यहीं मार डालूँगा!

163
00:18:55,969 --> 00:18:57,971
तो आओ और अभी मुझे मार डालो!

164
00:19:00,849 --> 00:19:02,226
यह मुझे कुछ नहीं करेगा!

165
00:19:03,185 --> 00:19:04,393
तुम नहीं करोगे!

166
00:19:04,394 --> 00:19:06,188
तुमने युनिवर्सिटी बंद क्यों की?

167
00:19:07,606 --> 00:19:09,273
चुप हो जाओ वरना मार डालूँगा।

168
00:19:09,274 --> 00:19:11,901
तो मार डालो!
युनिवर्सिटी और स्कूल बंद कर दिए,

169
00:19:11,902 --> 00:19:14,028
तो मुझे भी मार ही डालो!

170
00:19:14,029 --> 00:19:16,280
बस करो।

171
00:19:16,281 --> 00:19:18,991
बस करो, पुलिस चीफ़ का हुक्म है।

172
00:19:18,992 --> 00:19:21,077
बड़ा दम है, औरतों को गिरफ़्तार किया?

173
00:19:21,078 --> 00:19:24,497
तुम बस हम पर अपनी ताकत आज़माना चाहते हो।

174
00:19:24,498 --> 00:19:29,836
पिछले कुछ हफ़्तों में तालिबान द्वारा
विरोध करने वाली औरतों की गिरफ़्तारी...

175
00:19:29,837 --> 00:19:34,465
कल कुछ लड़कियाँ
काबुल की सड़कों पर उतर आईं,

176
00:19:34,466 --> 00:19:38,636
हाथ में पोस्टर लिए
जिन पर उन्होंने औरतों के लिए नौकरियों

177
00:19:38,637 --> 00:19:41,514
और आर्थिक स्वावलंबन की माँगें की।

178
00:19:41,515 --> 00:19:44,767
गिरफ़्तार की जाने वाली
औरतों की हालत को लेकर,

179
00:19:44,768 --> 00:19:48,313
जनता काफ़ी परेशान है।

180
00:19:49,690 --> 00:19:54,986
मुझे उन लड़कियों पर नाज़ है
जो जुलूसों में हिस्सा लेती हैं।

181
00:19:54,987 --> 00:19:59,116
पर मैं उनका साथ नहीं दे सकती,
मेरी माँ उसकी इजाज़त नहीं देंगी।

182
00:20:06,456 --> 00:20:07,958
मैं बस तैयार हूँ।

183
00:20:09,501 --> 00:20:12,129
मेरे जूते कहाँ हैं?

184
00:20:14,298 --> 00:20:17,259
मैंने पहने हैं, यहाँ हैं।

185
00:20:48,874 --> 00:20:50,959
आज मौसम गर्म है न?

186
00:20:51,460 --> 00:20:56,006
घर पर बैठकर ऊबने की, मेरी कुछ तस्वीरें लो।

187
00:20:57,341 --> 00:21:00,801
छत पर आकर, इधर-उधर देखने से

188
00:21:00,802 --> 00:21:04,514
मेरी हसरत पूरी नहीं होगी।

189
00:21:04,515 --> 00:21:06,099
मैं इन हालात से तंग आ चुकी हूँ।

190
00:21:06,642 --> 00:21:09,727
मेरा जो भी था, वह सब याद आता है।

191
00:21:09,728 --> 00:21:12,063
हम जो घूमने जाती थीं, वह सब याद आता है।

192
00:21:12,064 --> 00:21:17,735
हमें काम करने का हक नहीं है।

193
00:21:17,736 --> 00:21:21,739
हमें पढ़ने का हक नहीं है।

194
00:21:21,740 --> 00:21:23,908
मुझसे सब कुछ छीन लिया गया है।

195
00:21:23,909 --> 00:21:25,826
मुझ जैसी लड़कियों से,

196
00:21:25,827 --> 00:21:28,788
मुझ जैसी योद्धाओं से,
मेरी तरह सफ़र करने वालियों से।

197
00:21:28,789 --> 00:21:33,544
इन दिनों, मैं बस छत पर आती हूँ
और वापस नीचे अपने घर में जाती हूँ।

198
00:21:34,211 --> 00:21:39,800
"खाक हो मन की मायूसी
और एक बुरा साल और तनहाई।

199
00:21:40,509 --> 00:21:45,013
और वसंत जो इतना सताती है,
मेरे बिना तू कहाँ है?"

200
00:21:45,722 --> 00:21:48,225
मेरी तस्वीर लोगी?

201
00:22:09,329 --> 00:22:11,664
मेरे यहाँ न रहने की कई वजहें हैं।

202
00:22:11,665 --> 00:22:14,000
अफ़सोस, मुझे पाकिस्तान जाना होगा।

203
00:22:14,001 --> 00:22:17,295
वहाँ पहुँचते ही,
अपनी ज़िंदगी फ़िल्माना शुरू करूँगी।

204
00:22:17,296 --> 00:22:19,088
हर एक सेकंड।

205
00:22:19,089 --> 00:22:22,049
इतिहास याद रखे कि एक वक्त था

206
00:22:22,050 --> 00:22:27,139
जब अफ़गानिस्तान की औरतों के साथ
इतना ज़ुल्म करने की इजाज़त थी।

207
00:22:27,723 --> 00:22:29,765
संयुक्त राष्ट्र से पहले।

208
00:22:29,766 --> 00:22:32,978
सभी मानवाधिकार संगठनों से पहले।
पूरी दुनिया से पहले।

209
00:22:34,146 --> 00:22:37,648
उन देशों से पहले
जो बेरहमी का तिरस्कार करते हैं

210
00:22:37,649 --> 00:22:40,359
और लोकतंत्र के लिए नारे लगाते हैं।

211
00:22:40,360 --> 00:22:45,782
अफ़गानी औरतें हर जगह
हिकमत का शिकार बन चुकी हैं।

212
00:22:46,116 --> 00:22:47,701
भागने के अलावा कोई चारा नहीं है।

213
00:22:57,753 --> 00:23:01,964
सलाम...

214
00:23:01,965 --> 00:23:06,385
यहाँ पर, आप मैदान
और रेगिस्तान और सरकंडे देख रहे हैं।

215
00:23:06,386 --> 00:23:12,850
यह हमारा मौजूदा सेफ़ हाउस है,
हमारी रिहाइश।

216
00:23:12,851 --> 00:23:17,230
यही वह इमारत है जहाँ हम रहते हैं।

217
00:23:17,231 --> 00:23:18,898
इसमें दस से 12 कमरे हैं,

218
00:23:18,899 --> 00:23:23,319
और हर कमरे में तकरीबन
तीन, चार, पाँच, दस लोग रह सकते हैं।

219
00:23:23,320 --> 00:23:27,031
यह हिस्सा सरकंडों से भरा पड़ा है,

220
00:23:27,032 --> 00:23:31,370
और यहाँ इतने साँप और गीदड़ हैं
जो आप सोच भी नहीं सकते।

221
00:23:32,037 --> 00:23:34,747
रात के दस बजे, सब चीखने लगते हैं।

222
00:23:34,748 --> 00:23:36,415
इसलिए, पिछले दो दिनों से,

223
00:23:36,416 --> 00:23:42,421
उसे काबू में रखने के लिए, यहाँ आग लगाई गई।

224
00:23:42,422 --> 00:23:46,218
जैसा कि आप देख रहे हैं,
जानवरों को भगाने के लिए,

225
00:23:46,844 --> 00:23:48,679
वे सरकंडों को आग लगा रहे हैं।

226
00:23:50,055 --> 00:23:52,683
वॉशिंग मशीन नहीं है,
इसलिए हमारे कपड़े अभी भी गंदे हैं।

227
00:23:53,225 --> 00:23:56,936
गर्म पानी के लिए केतली नहीं है।

228
00:23:56,937 --> 00:23:58,729
यहाँ टीवी नहीं है।

229
00:23:58,730 --> 00:24:01,607
एक खरीदा था, पर वह खराब हो गया,
इसलिए उन्होंने फेंक दिया।

230
00:24:01,608 --> 00:24:02,692
डॉक्टर नहीं मिल रहा।

231
00:24:02,693 --> 00:24:04,652
मैं आज सुबह से शिकायत कर रही हूँ,

232
00:24:04,653 --> 00:24:06,070
पर किसी ने हमारी मदद नहीं की।

233
00:24:06,071 --> 00:24:10,284
दाँत में ज़ोरों का दर्द है,
बहुत दर्द हो रहा है।

234
00:24:35,601 --> 00:24:39,396
- सलाम, आप कैसी हैं?
- मैं ठीक हूँ, शुक्रिया।

235
00:24:41,815 --> 00:24:45,610
महंगाई इतनी बढ़ गई है,
और लोगों की तनख्वाहें इतनी कम हैं।

236
00:24:45,611 --> 00:24:47,278
आपने ठीक कहा।

237
00:24:47,279 --> 00:24:50,823
कुछ लोगों का कहना है कि जंग होगी,

238
00:24:50,824 --> 00:24:54,703
बाकियों का कहना है कि नई सरकार आएगी।

239
00:24:55,913 --> 00:24:58,874
हर किसी की अलग-अलग भविष्यवाणी है।

240
00:24:59,708 --> 00:25:03,377
- इसका कोई अंत नहीं है।
- बिल्कुल कोई अंत नहीं है,

241
00:25:03,378 --> 00:25:05,506
हज़ारा गुट वालों के लिए कोई अंत नहीं है।

242
00:25:17,643 --> 00:25:20,229
गाड़ी में गाने चलाना गैरकानूनी है।

243
00:25:21,355 --> 00:25:24,483
एक औरत अकेली टैक्सी से नहीं जा सकती।

244
00:25:29,154 --> 00:25:32,031
मेरी माँ को हमेशा मेरी फ़िक्र लगी रहती है,

245
00:25:32,032 --> 00:25:35,451
पर मुझे काम करना है,

246
00:25:35,452 --> 00:25:38,872
चाहती हूँ कि लोग मुझे जानें।

247
00:25:40,374 --> 00:25:43,585
इसलिए मैं अपनी सहेलियों के साथ...

248
00:25:45,170 --> 00:25:48,924
...खाना बाँटने गई।

249
00:26:07,818 --> 00:26:11,654
मैडम, आपका नाम नहीं पुकारा गया है,
आप ज़रा रुकेंगी?

250
00:26:11,655 --> 00:26:14,991
मेरा नाम पुकारा जाए तो मुझे बुलाने आएँगी?

251
00:26:14,992 --> 00:26:18,579
हाँ, आपका नाम पुकारने पर,
आपको बुलाने आऊँगी।

252
00:26:20,956 --> 00:26:22,623
और कौन है?

253
00:26:22,624 --> 00:26:24,001
सोराया।

254
00:26:26,670 --> 00:26:30,465
पीछे जाइए, आपका नाम पुकारा जाएगा।

255
00:27:42,412 --> 00:27:44,580
तुम देश छोड़कर क्यों जा रही हो?

256
00:27:44,581 --> 00:27:47,041
जान को खतरा है,
पर तुमने कभी नकाब नहीं उतारा।

257
00:27:47,042 --> 00:27:48,251
तो क्यों जा रही हो?

258
00:27:48,252 --> 00:27:52,171
मुझे डर है कि किसी दिन उन्हें पता चल जाएगा

259
00:27:52,172 --> 00:27:54,716
कि मैं तुम्हारे साथ हूँ।

260
00:27:55,759 --> 00:27:58,178
मुझे उससे डर लगता है।

261
00:27:58,804 --> 00:28:03,100
तालीम हमारा हक है!

262
00:28:16,363 --> 00:28:19,782
हिफ़ाज़त करने के बजाय,
तुमने हमारे अंदर खौफ़ जगाया।

263
00:28:19,783 --> 00:28:23,579
हमें तुमसे कोई मतलब नहीं है!

264
00:28:27,165 --> 00:28:29,001
अफ़गानिस्तान की आज़ादी

265
00:28:45,809 --> 00:28:50,062
विरोध करने वाले इन लोगों ने
मिनिस्ट्री ऑफ़ फ़ाइनैंस के पास

266
00:28:50,063 --> 00:28:53,941
जुलूस निकाला पर जुलूस को रिकॉर्ड
करने के लिए जो पत्रकार वहाँ मौजूद थे,

267
00:28:53,942 --> 00:28:57,570
इसलामिक एमिरेट उनके साथ बेरहमी से पेश आए।

268
00:28:57,571 --> 00:29:04,035
{\an8}हमेशा की तरह,
हम यहाँ इंसाफ़ की माँग करने आई हैं।

269
00:29:04,036 --> 00:29:07,830
{\an8}हम चाहती हैं
कि लड़कियों के स्कूल दोबारा खुलें,

270
00:29:07,831 --> 00:29:10,416
और मिनिस्ट्री ऑफ़
विमेन्स अफ़ेयर्स दोबारा खुले।

271
00:29:10,417 --> 00:29:12,251
पर आज हमारा एक और मकसद है,

272
00:29:12,252 --> 00:29:16,340
हमारे आसपास के बुरे
आर्थिक हालात को सामने लाकर रखना।

273
00:29:16,757 --> 00:29:18,841
- मिस मोहम्मदी?
- हाँ, जान।

274
00:29:18,842 --> 00:29:24,973
तुम्हें कौन सी चीज़
सबसे अच्छी पकानी आती है?

275
00:29:25,891 --> 00:29:30,144
मुझे इतना काम रहता है
कि खाना पकाने का वक्त नहीं मिलता।

276
00:29:30,145 --> 00:29:34,065
मतलब, मिसाल के तौर पर,
कौन सी चीज़ पकाना सबसे ज़्यादा पसंद है?

277
00:29:34,066 --> 00:29:36,651
शेखी नहीं मार रही,
पर मैं कुछ भी पका सकती हूँ।

278
00:29:36,652 --> 00:29:39,612
हर किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती

279
00:29:39,613 --> 00:29:44,534
कि वह आतंकवाद के खिलाफ़,
अपनी जान जोखिम में डाले।

280
00:29:44,535 --> 00:29:47,995
धमकाए जाने के बावजूद, तुम लड़ रही हो?

281
00:29:47,996 --> 00:29:50,791
हाँ, मुझे धमकाया गया है।

282
00:29:51,542 --> 00:29:54,670
हमने जिस दिन इंसाफ़ की माँग की,
उसी दिन अपनी जानें कुर्बान कर दीं।

283
00:29:55,045 --> 00:29:59,048
इस देश के लिए और इसके लोगों के लिए,
हम अपनी जानें कुर्बान कर देंगी।

284
00:29:59,049 --> 00:30:02,218
भले ही मेरे परिवार ने इजाज़त नहीं दी,

285
00:30:02,219 --> 00:30:06,013
मैं बेखौफ़ होकर
नई हुकूमत के खिलाफ़ जाकर खड़ी हुई।

286
00:30:06,014 --> 00:30:11,269
मैंने उन हकों की माँग की
जिनकी माँग अफ़गानी औरतें

287
00:30:11,270 --> 00:30:17,526
अपने पिताओं या भाइयों से भी नहीं करेंगी।

288
00:30:18,235 --> 00:30:21,529
अफ़गानी औरत को पहले घर में दबाया जाता है,

289
00:30:21,530 --> 00:30:27,035
उसके पिता, भाई और पति के हाथों।

290
00:30:32,165 --> 00:30:35,376
ये पाकिस्तान की सड़कें हैं।

291
00:30:35,377 --> 00:30:39,089
और ये इसके जोगी हैं।

292
00:30:41,842 --> 00:30:46,513
यह राहिला और मरियम की विदाई की पार्टी है।

293
00:30:48,515 --> 00:30:50,808
ये लोग साहार और बकताश के साथ

294
00:30:50,809 --> 00:30:56,023
स्पेन जाएँगी।

295
00:30:58,025 --> 00:31:02,778
इन्होंने सभी को

296
00:31:02,779 --> 00:31:07,409
अपनी विदाई की पार्टी में बुलाया।

297
00:31:13,373 --> 00:31:16,919
लड़कियो, हमारे क्लीनिक में शोर मत मचाओ,

298
00:31:17,878 --> 00:31:20,880
हम पर रोक-टोक है।

299
00:31:20,881 --> 00:31:23,592
क्या हो रहा है? यह कैसा शोर है?

300
00:31:28,055 --> 00:31:30,349
चाहती हो कि उन्हें हमारी भनक लग जाए?

301
00:31:44,988 --> 00:31:46,489
आप कितने पैसे देंगी?

302
00:31:46,490 --> 00:31:49,450
मैं कहाँ बैठूँ? मेरे लिए जगह नहीं है।

303
00:31:49,451 --> 00:31:51,161
दो-दो करके बैठो।

304
00:32:05,801 --> 00:32:07,718
यह कैमरा आपका है?

305
00:32:07,719 --> 00:32:12,181
ये एक डॉक्यूमेंटरी बना रही हैं।
मिस साहरा मनी के लिए है।

306
00:32:12,182 --> 00:32:13,976
कोई बात नहीं।

307
00:32:15,769 --> 00:32:17,354
परेशान न हों।

308
00:32:18,313 --> 00:32:24,944
हम यहाँ कई अलग-अलग
कार्यकर्ता गुटों से आई हैं।

309
00:32:24,945 --> 00:32:28,489
हम तालिबान के सत्ता में आने के बाद मिलीं,

310
00:32:28,490 --> 00:32:31,576
नई हुकूमत का विरोध करते समय।

311
00:32:31,577 --> 00:32:34,745
उसके पहले तक,
हम एक-दूसरे को नहीं जानती थीं।

312
00:32:34,746 --> 00:32:36,622
हकों के लिए लड़ते समय इकट्ठा हुईं।

313
00:32:36,623 --> 00:32:42,503
जिस औरत को कई सालों तक
हमारा नाम इस्तेमाल करने का हक मिला

314
00:32:42,504 --> 00:32:45,673
वह अपने पूरे परिवार को देश से बाहर ले गई,

315
00:32:45,674 --> 00:32:50,094
और अब वह तालिबान को पहचान दिलाने के लिए,
उसके हक में बोल रही है।

316
00:32:50,095 --> 00:32:52,638
तालिबान को पहचान क्यों मिले?

317
00:32:52,639 --> 00:32:56,475
कहते हैं कि तालिबान अफ़गानिस्तान का सच है,

318
00:32:56,476 --> 00:32:58,394
वह सच जिसे आपको बर्दाश्त करना होगा।

319
00:32:58,395 --> 00:33:01,647
कुछ लोगों ने कहा है कि हमारा संगठन
अव्यवस्थित है, पर इसका उल्टा है।

320
00:33:01,648 --> 00:33:06,652
उसमें भिन्नता भी है।
हमारे साथ शायरा और लेखिकाएँ भी हैं।

321
00:33:06,653 --> 00:33:10,114
हम सभी को यह मौका देती हैं
कि जिस समय और जहाँ पर भी विरोध करना हो,

322
00:33:10,115 --> 00:33:12,867
वे नारों में अपनी राय ज़ाहिर कर सकें।

323
00:33:12,868 --> 00:33:18,331
हम रंगीन कपड़े पहनती हैं,
परफ़्यूम और ऊँची एड़ी के जूते पहनती हैं।

324
00:33:18,332 --> 00:33:21,293
हम खुलकर साँस लेती हैं
और पार्क में मज़े करती हैं।

325
00:33:25,047 --> 00:33:27,049
लड़कियो, मैं बोल सकती हूँ?

326
00:33:30,802 --> 00:33:31,928
{\an8}वहीदा
लेखिका

327
00:33:31,929 --> 00:33:35,264
{\an8}मेरी एक औरत से बात हुई

328
00:33:35,265 --> 00:33:40,228
जिसने कहा
कि हमें अपना इतिहास खुद लिखना चाहिए।

329
00:33:40,229 --> 00:33:43,314
उसका मुझ पर बहुत गहरा असर हुआ।

330
00:33:43,315 --> 00:33:46,984
मैं एक पुस्तकालय बनाना चाहती हूँ,

331
00:33:46,985 --> 00:33:51,447
ताकि औरतों में लेखिका बनने का हौसला जागे,

332
00:33:51,448 --> 00:33:56,160
ताकि वे खुद की कहानियाँ लिखें।

333
00:33:56,161 --> 00:33:59,080
मुझे लगता है कि आज भी
दुनिया भर में हमारी उतनी कद्र नहीं है।

334
00:33:59,081 --> 00:34:02,750
इस बार, पहले, सब को यह मानना होगा

335
00:34:02,751 --> 00:34:05,795
कि औरतें इस क्रांति में एक नया दौर लाएँगी।

336
00:34:05,796 --> 00:34:10,341
दूसरी बात,
वह यह कि यह क्रांति एक असैनिक क्रांति है।

337
00:34:10,342 --> 00:34:14,262
क्यों? क्योंकि दूसरी क्रांतियाँ
जो सत्ता, हथियार, हिंसा,

338
00:34:14,263 --> 00:34:19,350
जंग की आग भड़काने और लोगों को
मारने को लेकर थीं, वो कामयाब नहीं हुईं।

339
00:34:19,351 --> 00:34:22,102
अब, हम
एक असैनिक क्रांति लाने की कोशिश में हैं।

340
00:34:22,103 --> 00:34:25,231
सोच की क्रांति,
हमारी युवा पीढ़ी की एकता के साथ,

341
00:34:25,232 --> 00:34:29,402
और एक-दूसरे को अपनाकर।

342
00:34:42,958 --> 00:34:45,543
- सलाम, कैसी हो?
- आओ।

343
00:34:47,087 --> 00:34:49,672
तुम ठीक हो?

344
00:34:51,007 --> 00:34:52,467
बहुत अच्छा लगा जो तुम आई।

345
00:34:52,759 --> 00:34:53,719
मुझे भी।

346
00:34:56,597 --> 00:35:03,187
आप कैसी हैं, ठीक हैं? बैठी रहिए।

347
00:35:07,024 --> 00:35:11,485
क्या बात है? तुम गाने लाई?

348
00:35:11,486 --> 00:35:14,573
सच में, मैंने डाउनलोड किए थे,
पर लाना भूल गई।

349
00:35:15,782 --> 00:35:18,618
अफ़गानिस्तान के रोक-टोक वाले समाज में,

350
00:35:18,619 --> 00:35:21,329
हमेशा औरतें ही शिकार बनती हैं।

351
00:35:21,330 --> 00:35:28,252
शरीफ़ा की नौकरी की वजह से,
नई हुकूमत ने उसकी शादी का सर्टिफ़िकेट

352
00:35:28,253 --> 00:35:32,508
रद्द करने की कोशिश की।

353
00:35:33,509 --> 00:35:35,343
पूछा कि नौकरी क्यों करती है।

354
00:35:35,344 --> 00:35:38,012
उन्होंने कुछ बताया
कि इसे नौकरी क्यों नहीं करनी चाहिए?

355
00:35:38,013 --> 00:35:39,972
कोई तो वजह बताई होगी?

356
00:35:39,973 --> 00:35:44,352
औरतों को नौकरी करनी चाहिए और पढ़ना चाहिए,

357
00:35:44,353 --> 00:35:49,148
हिजाब पहनकर, घर पर फंसे रहना नहीं चाहिए।

358
00:35:49,149 --> 00:35:51,108
अब सब उल्टा है।

359
00:35:51,109 --> 00:35:55,738
इसके पति ने कहा
कि वह तलाक की अर्ज़ी नहीं देगा।

360
00:35:55,739 --> 00:35:58,241
कि यह तब तक घर पर बैठेगी जब तक इसके बाल

361
00:35:58,242 --> 00:36:01,703
दातों की तरह सफ़ेद नहीं हो जाते।

362
00:36:06,667 --> 00:36:09,836
कुछ औरतें ताउम्र इस बात का इंतज़ार करेंगी

363
00:36:09,837 --> 00:36:13,882
कि कब मर्द उन्हें छोड़ेंगे।

364
00:36:14,591 --> 00:36:20,722
अफ़गानिस्तान में, औरतें गुलाम हैं।

365
00:36:36,405 --> 00:36:39,407
ज़्यादा इस्तेमाल होने की वजह से
वॉशिंग मशीन खराब हो गई।

366
00:36:39,408 --> 00:36:43,870
लगभग दो महीनों से
गंदे कपड़े जमा हो रहे हैं।

367
00:36:43,871 --> 00:36:50,001
आम तौर पर, मैं अपने कपड़े धोती
और सुखाने के लिए पीछे टाँग देती।

368
00:36:50,002 --> 00:36:52,920
यहाँ एक जंगली कुत्ता है

369
00:36:52,921 --> 00:36:55,966
जिसे खुला छोड़ा तो शायद हमें काट खाएगा।

370
00:36:57,301 --> 00:37:02,471
और शायद एक महीने तक

371
00:37:02,472 --> 00:37:05,016
हमारी बारी नहीं आएगी।

372
00:37:05,017 --> 00:37:08,978
मौसम काफ़ी खराब है,
इसलिए बाहर कपड़े नहीं धो सकते।

373
00:37:08,979 --> 00:37:11,398
कड़ाके की ठंड है।

374
00:37:23,535 --> 00:37:29,749
"हाल ही में, किसी ने मेरे नाम से
फ़ेसबुक खाता बनाया।

375
00:37:29,750 --> 00:37:32,793
उस नकली खाते में,
मेरे बारे में भला-बुरा बताया गया,

376
00:37:32,794 --> 00:37:35,379
और मेरी खुद की तस्वीरें डाली गईं

377
00:37:35,380 --> 00:37:38,091
जो हमारे गुट की बैठकों में ली गई थीं।

378
00:37:39,218 --> 00:37:41,928
पिछले कुछ दिनों से, मन उखड़ा सा है।

379
00:37:41,929 --> 00:37:43,930
मैं चुप सी थी, गुट में योगदान नहीं था।

380
00:37:43,931 --> 00:37:49,685
लड़कियों ने यह पता लगाने की बहुत कोशिश की
कि इसके पीछे कौन है, हैक करने की।

381
00:37:49,686 --> 00:37:56,484
उन्होंने आखिर पता लगा लिया,
पर उसने एक और खाता बना डाला

382
00:37:56,485 --> 00:38:02,698
और उसमें वो तस्वीरें डालीं
जो मैंने फ़्रांसीसी पत्रकारों के साथ लीं।

383
00:38:02,699 --> 00:38:04,784
उन्होंने मुझे धमकाया।

384
00:38:04,785 --> 00:38:07,161
अब मुझे डर लग रहा है कि आगे क्या होगा।

385
00:38:07,162 --> 00:38:13,125
इस बात से कि ये झूठे खाते

386
00:38:13,126 --> 00:38:17,548
मेरे बारे में गलत बयान करेंगे।

387
00:38:18,215 --> 00:38:20,341
मैं अपनी हर बहन की शुक्रगुज़ार हूँ

388
00:38:20,342 --> 00:38:23,095
जिसने मेरा साथ दिया,
जिसने मुझे सहानुभूति दिखाई।"

389
00:39:01,717 --> 00:39:05,554
{\an8}खतूल
भूतपूर्व टीचर

390
00:39:06,346 --> 00:39:10,766
मैं कभी तुम लोगों से दूर नहीं
जाना चाहती, कभी भी नहीं।

391
00:39:10,767 --> 00:39:15,855
मेरे घर में तालिबान का एक समर्थक है।

392
00:39:15,856 --> 00:39:21,736
मैं तुम लोगों को बता चुकी हूँ,
मेरे घर में तालिबान का एक समर्थक है।

393
00:39:21,737 --> 00:39:24,405
मैं तुम लोगों को दिखा सकती हूँ

394
00:39:24,406 --> 00:39:31,495
कि उसने मुझे कितनी बुरी तरह पीटा है।

395
00:39:31,496 --> 00:39:36,918
जेल में कैद औरतों को उतना नहीं
पीटा गया होगा जितना कि मुझे पीटा गया है।

396
00:39:36,919 --> 00:39:40,087
मैं एक इंसान हूँ,
किस हद तक बर्दाश्त कर सकती हूँ?

397
00:39:40,088 --> 00:39:42,840
दिन में आज़ादी के लिए लड़ाई,
रात में पिटती हूँ।

398
00:39:42,841 --> 00:39:48,304
मैं सभी औरतों की आज़ादी की दुहाई देती हूँ,

399
00:39:48,305 --> 00:39:52,434
क्योंकि मैं खुद अत्याचार झेलती हूँ।

400
00:39:55,312 --> 00:40:00,024
वे मेरी तस्वीर लेकर दुकान में आए और बोले,

401
00:40:00,025 --> 00:40:02,109
"हमें इस औरत से काम है।"

402
00:40:02,110 --> 00:40:05,863
घबराओ मत, सब ठीक हो जाएगा।
तुम हिम्मतवाली हो।

403
00:40:05,864 --> 00:40:07,449
अगले साल, हम राष्ट्रपति बनेंगी।

404
00:40:08,408 --> 00:40:10,994
मेरी सहेलियाँ हिम्मतवाली हैं।

405
00:40:13,956 --> 00:40:16,583
मेरे लिए,
सबसे पहले अल्लाह है, फिर तुम लोग।

406
00:40:17,334 --> 00:40:20,504
अलविदा, अपना खयाल रखना।

407
00:40:42,234 --> 00:40:43,235
रोटी...

408
00:40:43,777 --> 00:40:44,778
आज़ादी...

409
00:40:49,992 --> 00:40:52,411
काफ़ी है।
अब छुप जाते हैं, इसी तरह छोड़ दो।

410
00:40:54,663 --> 00:40:57,916
रोटी, नौकरी, आज़ादी

411
00:40:59,209 --> 00:41:01,878
आर्थिक उथल-पुथल के

412
00:41:01,879 --> 00:41:05,590
बाद आई गरीबी की वजह से,
दर्जनों औरतों ने विरोध किया है।

413
00:41:05,591 --> 00:41:09,468
वे चाहती हैं कि राजनीतिक प्रशासन में

414
00:41:09,469 --> 00:41:13,181
उनकी नौकरियों को लेकर,
इसलामिक एमिरेट कोई कदम उठाए,

415
00:41:13,182 --> 00:41:15,892
उनकी आर्थिक गतिविधियों तक पहुँच हो

416
00:41:15,893 --> 00:41:18,020
और औरतों की तालीम जारी रहे।

417
00:41:18,770 --> 00:41:23,024
आज का जुलूस
हमारी बेबसी को बयान करने के लिए था।

418
00:41:23,025 --> 00:41:29,822
औरतों को नौकरी करने की इजाज़त नहीं है

419
00:41:29,823 --> 00:41:36,246
और न ही कोई कमाई करने की...

420
00:41:43,295 --> 00:41:47,381
तुमने टेबल तैयार कर दिया? कपड़े बिछा दिए?

421
00:41:47,382 --> 00:41:49,468
तुमने अपने हाथ धोए?

422
00:42:00,270 --> 00:42:04,565
हालात इतने खौफ़नाक हो गए हैं
कि लगता है कि लड़कियों का साथ देना चाहिए।

423
00:42:04,566 --> 00:42:09,780
मैं अपने माँ-बाप की मर्ज़ी के खिलाफ़,
चुपचाप बाहर निकलूँगी।

424
00:42:12,282 --> 00:42:16,452
हम यालदा रात के लिए
कुछ सामान लेने जा रही हैं।

425
00:42:16,453 --> 00:42:19,622
हमने टोपी में सारा पैसा इकट्ठा किया है।

426
00:42:19,623 --> 00:42:25,169
लगभग सौ डॉलर हैं, यानि 20 अफ़गानी।

427
00:42:25,170 --> 00:42:28,715
- तुम्हें क्या खरीदना है?
- चार किलो अनार।

428
00:42:32,553 --> 00:42:35,389
हम 35 लोग हैं,
इसलिए हम यह पाँच किलो लेंगी।

429
00:42:36,098 --> 00:42:38,933
भाड़ में जाएँ, इनके पास बादाम नहीं हैं!

430
00:42:38,934 --> 00:42:43,021
क्या खरीदना है? यहाँ खास कुछ नहीं है।

431
00:42:54,741 --> 00:42:59,161
यालदा रात के लिए हम सब ने कुछ सोच रखा था।

432
00:42:59,162 --> 00:43:05,042
यालदा रात पर हम खूब मान करते हैं।

433
00:43:05,043 --> 00:43:08,964
पर अब हम सब मुहाजिर हैं
जो दुनिया भर में फैले हुए हैं।

434
00:43:18,432 --> 00:43:19,808
{\an8}यालदा रात मुबारक!

435
00:43:35,324 --> 00:43:40,453
इसलामी हिजाब की
तौहीन करने वालों को हम कभी नहीं छोड़ेंगे।

436
00:43:40,454 --> 00:43:43,624
औरतों को वोट देने का
और तालीम पाने का हक है।

437
00:43:44,666 --> 00:43:51,297
{\an8}जब तालिबान ने ताला तोड़कर दरवाज़ा खोला,

438
00:43:51,298 --> 00:43:56,260
लड़की ने बालकनी का काँच तोड़ा

439
00:43:56,261 --> 00:43:59,263
और वहाँ से कूद गई।

440
00:43:59,264 --> 00:44:00,973
मदद करो!

441
00:44:00,974 --> 00:44:03,726
{\an8}तालिबान घर में घुस आया है,
और मेरी बहनें घर में हैं!

442
00:44:03,727 --> 00:44:04,937
{\an8}तमन्ना
कार्यकर्ता

443
00:44:06,772 --> 00:44:08,689
हमें दरवाज़ा नहीं खोलना!

444
00:44:08,690 --> 00:44:11,609
अगर आपको बात करनी है, तो कल आइए।

445
00:44:11,610 --> 00:44:14,529
आज रात आप इन लड़कियों के पास नहीं आ सकते।

446
00:44:14,530 --> 00:44:19,325
हमें दरवाज़ा नहीं खोलना!

447
00:44:19,326 --> 00:44:21,620
मदद करो!

448
00:44:24,373 --> 00:44:28,669
{\an8}हिजाब की तौहीन करने वालों को...

449
00:44:30,212 --> 00:44:33,005
{\an8}...हम कभी नहीं छोड़ेंगे।

450
00:44:33,006 --> 00:44:38,846
हम उन्हें तवायफ़ मानते हैं।

451
00:44:52,860 --> 00:44:57,405
वे पक्का तमन्ना का एक वीडियो लेंगे,

452
00:44:57,406 --> 00:45:02,327
और उससे ज़बरदस्ती कहलवाएँगे
कि वह सब गलतफ़हमी थी।

453
00:45:09,293 --> 00:45:11,420
दर्द कम करने के लिए कोई दवा है?

454
00:45:14,548 --> 00:45:19,468
{\an8}हैशटैग अफ़गानिस्तान में औरतों का साथ दें।

455
00:45:19,469 --> 00:45:24,056
मुझे खुशी है कि आखिरकार में शामिल हो पाई,

456
00:45:24,057 --> 00:45:27,060
औरतों की आवाज़ बनने के लिए।

457
00:45:28,353 --> 00:45:31,231
ज़रा ये पंक्तियाँ लिखोगी?

458
00:45:35,110 --> 00:45:39,990
मैं लिख रही हूँ, "औरतों का साथ दें।"

459
00:45:43,827 --> 00:45:46,954
हाथ को ऐसे रखो।

460
00:45:46,955 --> 00:45:53,961
अफ़गानिस्तान में औरतों का साथ दें।

461
00:45:53,962 --> 00:45:58,591
एक बार और, एक साथ मिलकर कहो।

462
00:45:58,592 --> 00:46:04,932
{\an8}अफ़गानिस्तान में औरतों का साथ दें।

463
00:46:05,390 --> 00:46:09,811
{\an8}हैशटैग अफ़गानिस्तान में औरतों का साथ दें

464
00:46:13,315 --> 00:46:18,153
"कहाँ है?" लिखूँ, या "कहाँ हैं?"

465
00:46:19,321 --> 00:46:22,865
तमन्ना और उसकी बहनें कहाँ हैं?

466
00:46:22,866 --> 00:46:29,497
{\an8}हर कोई सभी की आवाज़ हैं।

467
00:46:29,498 --> 00:46:33,084
{\an8}कैद लड़कियों को रिहा करो, अनजान न बनो।

468
00:46:33,085 --> 00:46:39,799
{\an8}तमन्ना और उसकी बहन, परवाना कहाँ हैं?

469
00:46:39,800 --> 00:46:45,597
{\an8}अपने नकाब उतारो, अब हम एक तस्वीर लेंगी।

470
00:46:46,181 --> 00:46:48,057
{\an8}तस्वीर ले रही हैं क्या?

471
00:46:48,058 --> 00:46:49,892
{\an8}एक तस्वीर लेती हैं।

472
00:46:49,893 --> 00:46:53,771
{\an8}बेवकूफ़ी मत करो,
कैद की गई औरतों को रिहा करो

473
00:46:53,772 --> 00:46:56,441
अब जाकर हमारी बारी आई।

474
00:46:58,652 --> 00:47:02,614
मेरा कई दिनों से आना-जाना रहा,
कभी समय नहीं होता।

475
00:47:04,116 --> 00:47:10,329
अब, कपड़े धोने की मेरी बारी है।

476
00:47:10,330 --> 00:47:15,334
मैंने अपने कपड़े धोकर निचोड़ लिए

477
00:47:15,335 --> 00:47:17,837
क्योंकि बाहर बहुत ठंड है।

478
00:47:17,838 --> 00:47:20,006
बारिश भी हो रही है।

479
00:47:20,007 --> 00:47:27,014
अपने कमरे में ले जाती हूँ।

480
00:47:28,140 --> 00:47:30,683
ज़रीफ़ा सालांगी अफ़गानिस्तान लौट आई।

481
00:47:30,684 --> 00:47:35,897
मैंने कहा था
कि कुछ औरतें तालिबान के हक में हैं,

482
00:47:35,898 --> 00:47:38,901
तुमने मेरा यकीन नहीं किया।

483
00:47:52,247 --> 00:47:54,832
तुम दोबारा हमारे घर आओगी?

484
00:47:54,833 --> 00:47:56,834
आज, मैं अपने घर जा रही हूँ।

485
00:47:56,835 --> 00:47:58,794
मेरी जैकेट कहाँ है?

486
00:47:58,795 --> 00:48:02,256
हमारे घर पर ही रहो, बाहर खतरा है।

487
00:48:02,257 --> 00:48:06,677
तालिबान महिला कार्यकर्ताओं को
ढूँढ़ रहा है,

488
00:48:06,678 --> 00:48:09,430
इसलिए एक रात अपने घर पर रहूँगी
और दूसरी तुम्हारे घर पर।

489
00:48:09,431 --> 00:48:11,642
फिर लेला के यहाँ।

490
00:48:12,893 --> 00:48:15,811
बाय, बेटा।

491
00:48:15,812 --> 00:48:17,481
शाहरज़ाद बेटा, बाय।

492
00:48:20,651 --> 00:48:22,985
दरवाज़ा बंद कर लो। किसी के लिए मत खोलना।

493
00:48:22,986 --> 00:48:30,076
अगर कोई तुम्हारी मौसी,
ज़ाहरा मोहम्मदी के बारे में पूछे,

494
00:48:30,077 --> 00:48:32,995
तो कहना कि तुम उसे नहीं जानते।

495
00:48:32,996 --> 00:48:38,043
स्कूल में अगर कोई पूछे,
तो तुम्हें कुछ नहीं कहना है।

496
00:48:41,380 --> 00:48:43,506
मैंने कोई नए कपड़े नहीं खरीदे।

497
00:48:43,507 --> 00:48:46,300
मैं काबुल से अपने सारे कपड़े लाई हूँ।

498
00:48:46,301 --> 00:48:52,723
अगर कभी मुझमें गुरूर पैदा हुआ,
तो खुद को ऐसे याद करूँगी।

499
00:48:52,724 --> 00:48:57,104
जब मेरे पास सिर्फ़ 20 अफ़गानी थे।

500
00:49:00,357 --> 00:49:01,566
मैं कभी नहीं भूलूँगी।

501
00:49:01,567 --> 00:49:07,072
साथ में पाँच डॉलर जो मैंने यहाँ बचाकर रखे,
आशीर्वाद के लिए।

502
00:49:09,408 --> 00:49:12,286
मुझे पाकिस्तान में आए पाँच महीने हो गए।

503
00:49:19,209 --> 00:49:21,545
मेरा परिवार काबुल में ही रह गया।

504
00:49:23,505 --> 00:49:28,010
मुझे ज़्यादा दुख इस बात का है...

505
00:49:30,721 --> 00:49:33,431
...कि मुझे मजबूरन
अपनी ज़िंदगी पीछे छोड़कर आनी पड़ी।

506
00:49:33,432 --> 00:49:37,060
एक मुहाजिर होने का दर्द।
कैद में होने का दर्द।

507
00:49:39,313 --> 00:49:41,815
बेघर होने का, गरीबी का दर्द।

508
00:49:43,233 --> 00:49:46,570
लड़कियों से जुड़ी,
मेरी सहेलियों से जुड़ी बदनामी का दर्द।

509
00:49:48,113 --> 00:49:50,824
अपनी सरज़मीं खोने का दर्द।

510
00:49:53,076 --> 00:49:56,204
इस बात का दर्द कि आपका परिवार

511
00:49:56,205 --> 00:50:00,500
धरती के सबसे बुरे लोगों की कैद में है।

512
00:50:00,501 --> 00:50:03,045
यह सब हद से ज़्यादा है।

513
00:50:06,924 --> 00:50:08,925
हमें अपनी बात कहने की आज़ादी चाहिए

514
00:50:08,926 --> 00:50:10,718
हमें औरतों के हक चाहिए

515
00:50:10,719 --> 00:50:13,347
औरतों को बराबर के हक मिलें
और बच्चों के हक बने रहें

516
00:50:15,140 --> 00:50:16,475
कितने नारे छापे गए?

517
00:50:18,352 --> 00:50:19,686
बारह।

518
00:50:27,528 --> 00:50:34,283
आज मिनिस्ट्री ऑफ़
विमेन्स अफ़ेयर्स के पीछे जुलूस है।

519
00:50:34,284 --> 00:50:37,995
कल रात, मुझे तालिबान का फ़ोन आया।

520
00:50:37,996 --> 00:50:45,087
उन्होंने मेरा नाम पूछा,
और यह कि क्या मैं विरोध रोक दूँगी।

521
00:50:46,088 --> 00:50:52,552
मैंने उनसे कहा कि मैं
हर जुलूस के लिए ज़िम्मेदार नहीं हूँ।

522
00:50:52,553 --> 00:50:56,472
उन्होंने कहा कि मैं
आतंकवादी हमलों के लिए ज़िम्मेदार थी,

523
00:50:56,473 --> 00:50:58,641
और मुझे विरोध रोक देना चाहिए।

524
00:50:58,642 --> 00:51:00,351
मैंने कहा कि मैं ज़िम्मेदार नहीं।

525
00:51:00,352 --> 00:51:02,478
उनमें से एक ने कहा, "कल एक बजे मिलूँगा।"

526
00:51:02,479 --> 00:51:04,939
मैंने कहा,
"मुझे धमका रहे हो? मुझे मार डालोगे?"

527
00:51:04,940 --> 00:51:06,816
उसने कहा, "तुम्हें पता चल जाएगा।"

528
00:51:06,817 --> 00:51:09,026
कहा, "फ़ोन क्यों किया?" बोला, "बदनाम हो।"

529
00:51:09,027 --> 00:51:14,532
मैं यह वीडियो इसलिए रिकॉर्ड कर रही हूँ
ताकि अगर मुझे कुछ हुआ, तो आपको पता होगा

530
00:51:14,533 --> 00:51:16,409
कि इसलामिक एमिरेट इसका ज़िम्मेदार है।

531
00:51:16,410 --> 00:51:21,539
हम एक पढ़ी-लिखी पीढ़ी हैं,
इसलिए वे हमसे डरते हैं!

532
00:51:21,540 --> 00:51:23,416
ज़मीर चुप हैं
कानों में रुई डाली है

533
00:51:23,417 --> 00:51:27,920
हम कलम के लिए लड़ रही हैं।
हम जहालत के खिलाफ़ हैं।

534
00:51:27,921 --> 00:51:29,630
हम 20 साल पहले की औरतें नहीं हैं।

535
00:51:29,631 --> 00:51:32,675
पढ़ी-लिखी औरतें हैं जो इसलामिक
एमिरेट के खिलाफ़ चुप नहीं रहेंगी।

536
00:51:32,676 --> 00:51:36,262
अगला अफ़गानी राष्ट्रपति कोई औरत होगी।

537
00:51:36,263 --> 00:51:38,556
आज, यह हमें दबा रहे हैं।

538
00:51:38,557 --> 00:51:40,975
हमारे हाथ खाली हैं,
फिर भी ये हमसे डरते हैं।

539
00:51:40,976 --> 00:51:45,396
हमें आज़ादी चाहिए, अपनी नौकरियाँ चाहिए,
हमें आज़ादी चाहिए, हमें रोटी चाहिए!

540
00:51:45,397 --> 00:51:47,190
नौकरी, रोटी, आज़ादी!

541
00:51:47,191 --> 00:51:49,526
नौकरी, रोटी, तालीम!

542
00:51:51,445 --> 00:51:53,447
नौकरी, रोटी, तालीम!

543
00:51:58,619 --> 00:52:02,206
{\an8}उस्ताद जलाल की आवाज़ लोगों तक पहुँचती है

544
00:52:02,915 --> 00:52:09,170
हम जुलूस निकालने आई हैं।

545
00:52:09,171 --> 00:52:14,217
ज़ाहिर है,
तालिबान यहाँ हथियारों के साथ है।

546
00:52:14,218 --> 00:52:19,263
उन्होंने हमें घेर रखा है,
हमारा विरोध रोक रहे हैं।

547
00:52:19,264 --> 00:52:23,685
हालात ठीक नहीं हैं।
स्पेशल फ़ोर्सेस यहाँ मौजूद है।

548
00:52:27,439 --> 00:52:28,565
वे हमें रोक रहे हैं।

549
00:52:33,487 --> 00:52:38,242
वे आँसू गैस छिड़क रहे हैं,
हमें आँखों से दिखाई नहीं देगा।

550
00:52:44,164 --> 00:52:45,082
ज़ाहरा?

551
00:53:07,104 --> 00:53:09,438
कल काबुल में कयामत आई।

552
00:53:09,439 --> 00:53:11,607
डॉ. ज़ाहरा मोहम्मदी को गिरफ़्तार किया गया।

553
00:53:11,608 --> 00:53:14,652
तीन दिन पहले गिरफ़्तार की गई
12 लड़कियों के अलावा,

554
00:53:14,653 --> 00:53:18,072
और सात लड़कियों को गिरफ़्तार किया गया है।

555
00:53:18,073 --> 00:53:22,493
तीन दिन पहले, 40 लड़कियों ने
पास के एक सेफ़ हाउस से भागने की कोशिश की।

556
00:53:22,494 --> 00:53:26,874
कुछ बच निकलीं,
पर तालिबान ने 12 को रोक लिया।

557
00:53:27,791 --> 00:53:32,670
अल्लाह उनकी हिफ़ाज़त करे,
इन दरिंदों पर भरोसा नहीं कर सकते।

558
00:53:32,671 --> 00:53:36,425
वे न जाने
एक जवान लड़की के साथ क्या करेंगे।

559
00:53:36,717 --> 00:53:38,552
अल्लाह लड़कियों की मदद करे।

560
00:53:39,303 --> 00:53:42,097
अल्लाह उनकी मदद करे।

561
00:54:17,841 --> 00:54:23,472
हर तरफ़, बादल और कोहरा और बारिश।

562
00:54:31,480 --> 00:54:37,069
आज, कुछ बच्चे निकल गए।

563
00:54:38,862 --> 00:54:42,616
मरियम, साहार, बकताश, राज़मा और राहिला।

564
00:54:44,660 --> 00:54:51,458
हज़ारवीं बार मेरा दिल छलनी हो गया।

565
00:54:52,459 --> 00:54:58,173
जब से काबुल खत्म हुआ है,
हम इस तकलीफ़ को हर रोज़ महसूस करते हैं।

566
00:54:59,258 --> 00:55:01,301
मैं इस कमरे से तंग आ चुकी हूँ।

567
00:55:02,553 --> 00:55:05,764
मैंने कभी नहीं सोचा था
कि उनकी इतनी याद आएगी।

568
00:55:13,981 --> 00:55:19,110
एक-एक करके,
उन्होंने मेरे लोगों को ज़लील किया।

569
00:55:19,111 --> 00:55:24,532
जिस दिन उन्होंने हम पर कब्ज़ा किया,
हर पल हमारा कत्ल किया।

570
00:55:24,533 --> 00:55:29,412
रातों-रात, हमारे ख्वाब मिट्टी में मिल गए।

571
00:55:29,413 --> 00:55:32,874
हम हर पल अपनी सरज़मीं को छोड़ने का

572
00:55:32,875 --> 00:55:37,753
दुख महसूस करती हैं।

573
00:55:37,754 --> 00:55:43,509
हमारा कोई ठिकाना नहीं है,
कोई भी इच्छा नहीं पाल सकतीं।

574
00:55:43,510 --> 00:55:48,264
कुछ भी खरीदने का फ़ायदा नहीं है,

575
00:55:48,265 --> 00:55:51,058
क्योंकि हमें नहीं पता
कि अपने साथ कितना ले जा सकती हैं।

576
00:55:51,059 --> 00:55:54,979
हमारे पास कुछ नहीं है। बहुत मुश्किल है।

577
00:55:54,980 --> 00:55:57,858
मेरी कुछ सहेलियाँ थीं,
और आज रात, वे सब निकल गईं।

578
00:56:14,166 --> 00:56:21,173
मेरे वहाँ रहते हुए,
अगर तालिबान ने मेरे घर की तलाशी ली...

579
00:56:22,674 --> 00:56:26,136
...तो मैं सोच भी नहीं सकती।

580
00:56:27,095 --> 00:56:30,765
इसलिए मैं और घर पर नहीं रहना चाहती,

581
00:56:30,766 --> 00:56:34,185
अगर वे आएँ और तलाशी लें।

582
00:56:34,186 --> 00:56:35,102
मुझे डर लगता है।

583
00:56:35,103 --> 00:56:38,689
कुछ दिन पहले,
गली में एक लड़की को मार दिया गया।

584
00:56:38,690 --> 00:56:41,026
है न?

585
00:56:42,819 --> 00:56:44,279
डरने वाली बात है न?

586
00:56:48,033 --> 00:56:50,826
मैं पढ़ाई के लिए
देश छोड़कर जाने का सोच रही थी।

587
00:56:50,827 --> 00:56:52,370
आईसीसीआर स्कॉलरशिप।

588
00:56:52,371 --> 00:56:53,579
कौन सा साल था?

589
00:56:53,580 --> 00:56:58,543
अफ़गानिस्तान में अधिकांश लोग
विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट बनवाते हैं,

590
00:56:58,544 --> 00:57:01,128
पर मैंने विदेश में पढ़ाई के लिए बनवाया।

591
00:57:01,129 --> 00:57:03,298
कब की बात है?

592
00:57:05,175 --> 00:57:08,095
साल 2020, 2020 के अंत में।

593
00:57:08,929 --> 00:57:12,098
मेरा पासपोर्ट बनानेवाली ने आगाह किया था

594
00:57:12,099 --> 00:57:15,768
कि मैं ऐसी तस्वीर न लगाऊँ।

595
00:57:15,769 --> 00:57:19,438
उसने कहा कि अगर तालिबान लौटकर आया,
तो मेरे लिए मुसीबत हो जाएगी।

596
00:57:19,439 --> 00:57:23,109
मैं अपने परिवार को नहीं बता सकती
कि विरोध में शामिल हो रही हूँ।

597
00:57:23,110 --> 00:57:25,027
मेरी माँ मुझे घर से बाहर निकाल देंगी,

598
00:57:25,028 --> 00:57:28,322
और फिर इन हालात में, मैं कहाँ जाऊँगी?

599
00:57:28,323 --> 00:57:32,911
इन दिनों, तालिबान औरतों को, साथ में
किसी लड़की को लिए बिना जाने नहीं देता।

600
00:57:33,287 --> 00:57:38,833
अफ़गानी औरतों की आवाज़ दबाना बेरहमी है।

601
00:57:38,834 --> 00:57:41,836
हम डरकर चुप नहीं रहने वालीं।

602
00:57:41,837 --> 00:57:45,590
वे हमारी आवाज़ें नहीं दबा सकते।

603
00:57:45,591 --> 00:57:51,345
हम अफ़गानिस्तान के किसी भी कोने में
उठने वाली हर आवाज़ के साथ हैं।

604
00:57:51,346 --> 00:57:54,307
ज़ाहरा मोहम्मदी को रिहा करो!

605
00:57:54,308 --> 00:57:58,186
उन्होंने लड़कियों के सभी प्रारम्भिक स्कूल
बंद कर दिए, और सब चुप रहे।

606
00:57:58,187 --> 00:58:00,479
लड़कियों की युनिवर्सिटियाँ बंद की,
सब चुप थे।

607
00:58:00,480 --> 00:58:02,565
लड़कियों के लिए हर तालीम पर रोक लगा दी है।

608
00:58:02,566 --> 00:58:06,777
आत्महत्या के अलावा
और कोई चारा नहीं बचा है।

609
00:58:06,778 --> 00:58:10,949
तालिबान हाय-हाय!

610
00:58:20,209 --> 00:58:23,253
तुम लोग शैतान हो!

611
00:58:24,505 --> 00:58:27,632
तालीम हमारा हक है,

612
00:58:27,633 --> 00:58:31,261
हम पीछे नहीं हटेंगी!

613
00:59:12,803 --> 00:59:19,810
आज़ादी हर औरत का जन्मगत अधिकार है

614
00:59:24,106 --> 00:59:27,526
शरीफ़ा, चलो। बहुत हो गया!

615
00:59:28,110 --> 00:59:29,528
शरीफ़ा, चलो।

616
01:00:21,038 --> 01:00:24,166
तुमसे प्यार है, मेरी प्यारी बहन।

617
01:00:25,334 --> 01:00:26,751
उन्होंने बुरी तरह पीटा?

618
01:00:26,752 --> 01:00:29,420
अल्लाह के रहम से, तुम घर लौट आई।

619
01:00:29,421 --> 01:00:32,508
अल्लाह का शुक्र है।

620
01:00:35,969 --> 01:00:38,722
मुझे ज़रा बैठना है।

621
01:00:54,071 --> 01:00:57,740
मैंने तमन्ना को देखा,
उसे मार-मारकर लाल कर दिया है।

622
01:00:57,741 --> 01:01:01,869
- तुमने अपनी आँखों से देखा?
- उन्होंने तमन्ना को पीटा।

623
01:01:01,870 --> 01:01:08,960
जब तमन्ना आकर गले लगी, उसे देखा और कहा,

624
01:01:08,961 --> 01:01:15,216
"मैंने तुम्हें कहाँ देखा है?"
फिर पता चला कि वही है।

625
01:01:15,217 --> 01:01:19,137
मैंने परवाना को देखा।
मोरसाल को मेरे साथ रिहा किया गया।

626
01:01:20,013 --> 01:01:22,683
अल्लाह का शुक्र है।

627
01:01:23,559 --> 01:01:26,561
उन्होंने तमन्ना और परवाना को क्यों रखा?

628
01:01:26,562 --> 01:01:29,939
उन्होंने उन्हें इतनी बुरी तरह पीटा है।

629
01:01:29,940 --> 01:01:33,944
- तुम्हें बुरी तरह मारा?
- नहीं, मुझे किसी ने नहीं मारा।

630
01:01:34,945 --> 01:01:36,153
वे लड़कियाँ पंजशीर से हैं।

631
01:01:36,154 --> 01:01:38,990
शायद इसलिए कि वे पंजशीर से हैं।

632
01:01:38,991 --> 01:01:42,201
हम चाहते हैं
कि तालिबान हमारे देश से चला जाए।

633
01:01:42,202 --> 01:01:46,998
काश कि यह कोई बुरा ख्वाब हो।

634
01:01:46,999 --> 01:01:50,918
कि एक दिन, हम नींद से जागेंगे
और सड़कों पर अपने झंडे

635
01:01:50,919 --> 01:01:55,381
{\an8}और अपनी पुलिस को देखेंगे।

636
01:01:55,382 --> 01:01:57,466
{\an8}अफ़गानिस्तान ज़िंदाबाद!

637
01:01:57,467 --> 01:02:01,220
{\an8}तमन्ना और परवाना को रिहा करो!

638
01:02:01,221 --> 01:02:04,891
नौकरी, रोटी, तालीम!

639
01:02:04,892 --> 01:02:08,644
{\an8}हम चाहते हैं कि तालिबान खत्म हो जाए!

640
01:02:08,645 --> 01:02:15,694
{\an8}हम चाहते हैं कि लड़कियों
और औरतों के स्कूल दोबारा खोले जाएँ!

641
01:02:18,071 --> 01:02:20,489
नौकरी, रोटी, तालीम!

642
01:02:20,490 --> 01:02:25,119
लड़कियों का मकसद यह कहना नहीं कि हमें
हिजाब नहीं पहनना, हमें हिजाब पहनना है।

643
01:02:25,120 --> 01:02:27,330
पर हिजाब कोई चद्दर नहीं,

644
01:02:27,331 --> 01:02:31,959
हिजाब वह है
जिसमें हमारे हाथ और पैर दिखते हैं।

645
01:02:31,960 --> 01:02:35,505
तमन्ना और परवाना को इसी वजह से कैद किया?

646
01:02:35,506 --> 01:02:37,048
बहुत हुआ। हम तंग आ चुकी हैं!

647
01:02:37,049 --> 01:02:44,597
तालिबान,
मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले!

648
01:02:44,598 --> 01:02:47,892
इंसाफ़!
हम तुम्हारे जुर्मों से तंग आ चुकी हैं।

649
01:02:47,893 --> 01:02:51,563
इंसाफ़!
हम तुम्हारे जुर्मों से तंग आ चुकी हैं!

650
01:03:00,614 --> 01:03:08,038
डरो मत, हम साथ हैं।

651
01:03:14,545 --> 01:03:16,839
गलत नस में है।

652
01:03:17,798 --> 01:03:19,048
अंदर नहीं घुसी।

653
01:03:19,049 --> 01:03:22,928
बस, बस करो। बस! दर्द हो रहा है।

654
01:04:26,158 --> 01:04:27,575
{\an8}ज़ाहरा के पिता

655
01:04:27,576 --> 01:04:30,870
{\an8}तुम्हारी गिरफ़्तारी की वजह से,
मैं अपना मुँह नहीं दिखा सकता।

656
01:04:30,871 --> 01:04:36,000
मुझे पता है कि कई औरतें
आगे रहकर आवाज़ उठा रही हैं।

657
01:04:36,001 --> 01:04:39,921
कई जो निडर होकर लड़ीं,
और उसके लिए कैद की गईं।

658
01:04:39,922 --> 01:04:45,052
मुझे अपने परिवार में यह मंज़ूर नहीं है।

659
01:04:47,596 --> 01:04:52,934
नानाजी बहुत बोलते हैं,
सिर में दर्द होता है।

660
01:04:52,935 --> 01:04:58,397
मेरे पिता ने कहा कि उनकी बेटी औरों के लिए

661
01:04:58,398 --> 01:05:01,817
और अपने लिए बहादुर होगी।

662
01:05:01,818 --> 01:05:06,198
पर मैंने अपना
और अपने परिवार का नाम बदनाम किया।

663
01:05:06,907 --> 01:05:10,953
सिर में बहुत दर्द है। बहुत हो गया। बस।

664
01:05:14,831 --> 01:05:19,711
वह इतना क्यों बोलते हैं?

665
01:05:32,182 --> 01:05:36,103
ज़ाहरा, दरवाज़े के पीछे आकर छुप जाओ
ताकि ओमिद तुम्हें देख न सके।

666
01:05:43,110 --> 01:05:47,114
साथ देने का शुक्रिया।

667
01:05:49,867 --> 01:05:54,454
मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ। भरोसा रखो।

668
01:06:02,796 --> 01:06:06,800
औरत से नफ़रत मंसूबा है,
हिजाब एक बहाना है।

669
01:06:10,053 --> 01:06:14,640
तालीम, नौकरी और आज़ादी पर हमारा हक है।

670
01:06:14,641 --> 01:06:19,146
औरतें इस समाज का आधा हिस्सा हैं।

671
01:06:20,814 --> 01:06:25,067
नहीं, ऐसे लिखो--
औरतें इस समाज का आधा हिस्सा हैं।

672
01:06:25,068 --> 01:06:28,321
नौकरी, तालीम, और ओढ़ने वाला कपड़ा
पसंद करना हमारा हक है।

673
01:06:28,322 --> 01:06:33,035
हमारा बुनियादी हक है।

674
01:06:34,036 --> 01:06:36,246
लिखावट ठीक है।

675
01:06:37,497 --> 01:06:40,918
हाँ, मैं अभी आ रही हूँ।

676
01:06:41,668 --> 01:06:43,503
अच्छा, शुक्रिया।

677
01:06:43,504 --> 01:06:46,005
मार्ज़या का फ़ोन आया,
मैं तैयार हूँ। माँ, ठीक है?

678
01:06:46,006 --> 01:06:49,593
तुम्हारी मर्ज़ी।
तुम मेरी कोई बात नहीं मानती।

679
01:06:50,511 --> 01:06:54,472
- वह मेरा काम नहीं है।
- आप मेरे लिए दुआ नहीं करतीं?

680
01:06:54,473 --> 01:06:59,561
मैं दुआ करती हूँ कि तुम चुपचाप बैठो,
पर तुम्हें मेरी बात की परवाह नहीं।

681
01:07:02,105 --> 01:07:05,525
मुझे रात में नींद नहीं आती।

682
01:07:05,526 --> 01:07:12,157
मुझे तुम्हारी बहुत फ़िक्र होती है,

683
01:07:13,617 --> 01:07:19,623
आधे घंटे के लिए आँखें बंद करती हूँ, तब भी।

684
01:07:21,375 --> 01:07:23,417
मैं संभलकर रहती हूँ।

685
01:07:23,418 --> 01:07:27,129
नकाब पहनती हूँ, लंबे कपड़े पहनती हूँ।

686
01:07:27,130 --> 01:07:30,132
और क्या करूँ? हाँ?

687
01:07:30,133 --> 01:07:32,302
मुझे नहीं पता।

688
01:07:33,470 --> 01:07:35,889
जो तुम्हारे मन करे, वही करो।

689
01:07:47,734 --> 01:07:51,362
इंसाफ़!

690
01:07:51,363 --> 01:07:54,991
हम रोक-टोक से तंग आ चुकी हैं।

691
01:07:54,992 --> 01:07:59,413
हम एक होकर आवाज़ उठाती हैं।

692
01:08:07,713 --> 01:08:09,630
आलेया कहाँ है?

693
01:08:09,631 --> 01:08:11,924
{\an8}आलेया कहाँ है?

694
01:08:11,925 --> 01:08:14,595
{\an8}तुमने ज़ेनाब को क्यों मारा?

695
01:08:15,762 --> 01:08:18,515
तुमने ज़ेनाब को क्यों मारा?

696
01:08:19,683 --> 01:08:22,809
इंसाफ़!

697
01:08:22,810 --> 01:08:24,687
हम कैद रहकर तंग आ चुकी हैं।

698
01:08:24,688 --> 01:08:26,314
कैद रहकर तंग आ चुकी हैं।

699
01:09:15,572 --> 01:09:22,577
अपनी उदासी से बचने के लिए,
लोगों ने दीवारों पर तस्वीरें बनाईं।

700
01:09:22,578 --> 01:09:23,871
{\an8}रायहाना अहमादी

701
01:09:23,872 --> 01:09:27,416
यह तस्वीर मैंने बनाई है।

702
01:09:27,417 --> 01:09:28,961
तारानोम जी।

703
01:09:30,504 --> 01:09:34,507
एक दिन मुझे खास काम नहीं था,
इसलिए यहाँ आकर यह बनाई।

704
01:09:34,508 --> 01:09:36,593
मैंने यहाँ पारंपरिक बोल लिखे।

705
01:09:37,261 --> 01:09:43,559
"मैं तुम्हें तहे दिल से चाहती हूँ।"

706
01:09:44,643 --> 01:09:50,398
"मैंने तुम्हें अपने दुख दिए
और तुमसे खुशियाँ लीं।"

707
01:09:50,399 --> 01:09:53,276
चाहारशनबेह सूरी साल का आखिरी बुधवार है।

708
01:09:53,277 --> 01:09:55,862
हर साल, हम आग जलाते हैं
और उसके ऊपर से कूदते हैं।

709
01:09:55,863 --> 01:10:02,953
पिछले साल की तकलीफ़ें उसमें झोंक देते हैं।

710
01:10:06,665 --> 01:10:11,085
एक खुशहाल, तंदुरुस्ती भरे नए साल के लिए।

711
01:10:11,086 --> 01:10:17,925
हम नए साल में, एक आज़ाद
और ताकतवर अफ़गानिस्तान की दुआ करती हैं।

712
01:10:17,926 --> 01:10:20,887
हमारे देश को हमारे दुश्मन से बचाओ,

713
01:10:20,888 --> 01:10:27,978
ताकि हम शांति से
अफ़गानिस्तान के झंडे के नीचे जी सकें।

714
01:10:48,707 --> 01:10:52,835
रोटी, नौकरी, तालीम।
कैद लड़कियों को आज़ाद करो।

715
01:10:52,836 --> 01:10:55,213
इंसाफ़ करो। आज़ादी।

716
01:10:55,214 --> 01:10:58,216
अल्लाह का शुक्र है कि तुम आज़ाद हो।

717
01:10:58,217 --> 01:11:03,054
बाहर चलती हैं, ज़ाहरा।
सैर पर चलती हैं, थोड़ा मज़ा लेंगी।

718
01:11:03,055 --> 01:11:09,436
तुम मानती हो?
तुम्हें खुले में जाने की ज़रूरत है।

719
01:11:10,354 --> 01:11:12,648
तुमने इतना मेकअप क्यों किया है?

720
01:11:13,899 --> 01:11:16,527
हमने इसे ज़बरदस्ती मेकअप करने को कहा।

721
01:11:19,112 --> 01:11:21,447
आज मैं दूसरी बार बाहर आई हूँ।

722
01:11:21,448 --> 01:11:24,700
आज मैं थोड़ी ठीक हूँ।

723
01:11:24,701 --> 01:11:27,871
मैं यहाँ वहीदा,
मोरसाल और अपनी माँ के साथ हूँ।

724
01:11:52,104 --> 01:11:56,315
शोकुफ़ा, इन दाँतों को निकालना होगा,

725
01:11:56,316 --> 01:11:59,360
लेकिन ऊपर के दाँतों में पीप है।

726
01:11:59,361 --> 01:12:03,322
तालिबान अपने जासूसों के ज़रिए

727
01:12:03,323 --> 01:12:07,577
लड़कियों में दूरी पैदा करना चाहता है।

728
01:12:07,578 --> 01:12:10,913
वे पाखंड फैलाते हैं।

729
01:12:10,914 --> 01:12:17,003
सेफ़ हाउस के अंदर से लड़कियों को
गिरफ़्तार करते हैं और कुबूल करवाते हैं।

730
01:12:17,004 --> 01:12:20,089
कार्यकर्ता गुटों में कुछ लड़कियाँ

731
01:12:20,090 --> 01:12:22,383
चोरी से तालिबान के लिए काम कर रही थीं।

732
01:12:22,384 --> 01:12:28,014
मुझे इससे बहुत गुस्सा आया,

733
01:12:28,015 --> 01:12:34,020
हौसला एकदम टूट गया

734
01:12:34,021 --> 01:12:38,025
कि मैंने आंदोलन छोड़ दिया।

735
01:12:38,734 --> 01:12:41,278
मैं तंग आ चुकी हूँ।

736
01:12:50,704 --> 01:12:53,497
मुझे पता है
कि मुझे काबुल छोड़कर जाना होगा।

737
01:12:53,498 --> 01:12:57,878
पर वह मेरे लिए बहुत मुश्किल होगा।

738
01:12:58,837 --> 01:13:05,135
काबुल और ओमिद से दूर रहना
बहुत मुश्किल हो सकता है।

739
01:13:27,282 --> 01:13:29,993
मुझे सर्दियों के लिए मखमल की ड्रेस चाहिए।

740
01:13:30,494 --> 01:13:34,081
- किस उम्र के लिए?
- चार अलग-अलग उम्र के लिए।

741
01:13:34,873 --> 01:13:38,544
बारह साल, आठ साल, पाँच साल, तीन साल।

742
01:13:39,378 --> 01:13:41,380
मुझे थोड़ी और सजीली चाहिए।

743
01:13:56,228 --> 01:14:01,108
तुम भी अपने कपड़े पहनो।

744
01:14:04,611 --> 01:14:07,114
इन कपड़ों को
निशानी के तौर पर रख लो, ठीक है?

745
01:14:10,492 --> 01:14:13,161
इसके बाद, मैं तुम्हारे घर नहीं आऊँगी।

746
01:14:15,706 --> 01:14:18,125
यह सब साफ़ करो।

747
01:14:20,586 --> 01:14:24,506
- ये किसके मोज़े हैं?
- मेरे, मेरे हैं।

748
01:14:28,385 --> 01:14:30,303
मैं कहीं छुपने जा रही हूँ।

749
01:14:30,304 --> 01:14:32,930
किसी को पता नहीं होगा कि कहाँ,
मेरे पिता को भी नहीं।

750
01:14:32,931 --> 01:14:36,350
सिर्फ़ ओमिद को पता होगा, बस।

751
01:14:36,351 --> 01:14:39,896
अपने साथ यह बिस्कुट ले जाओ।

752
01:14:39,897 --> 01:14:42,107
यह तुम्हारा है।

753
01:14:44,193 --> 01:14:47,905
बेटा, आकर गले लगो।

754
01:15:16,058 --> 01:15:17,392
ओमिद, मेरी जान।

755
01:15:20,604 --> 01:15:22,813
इसके नीचे एक दिल बना सकते हो?

756
01:15:22,814 --> 01:15:27,986
प्यारे ओमिद, फिर मुलाकात होगी!

757
01:15:58,058 --> 01:16:01,770
मत रो। प्लीज़ मत रो।

758
01:16:26,837 --> 01:16:31,049
अब मैं दफ़्तर में काम नहीं कर सकती,

759
01:16:31,800 --> 01:16:35,387
इसलिए मुझे घर पर ही कुछ-कुछ करना होगा।

760
01:16:48,650 --> 01:16:55,449
मन बड़ा उचाट होता है,
पर कुछ न करने से अच्छा है।

761
01:16:55,949 --> 01:16:59,411
मेरा समय कट जाता है।

762
01:17:01,872 --> 01:17:04,790
ज़ोहरा का इंटरव्यू हुआ।

763
01:17:04,791 --> 01:17:08,753
शायद वह हमसे पहले चली जाएगी
या हमारे साथ, पता नहीं।

764
01:17:08,754 --> 01:17:12,007
हमने विदाई की पार्टी रखी।

765
01:17:15,594 --> 01:17:17,429
तुम्हारा सफ़र अच्छा हो।

766
01:17:18,222 --> 01:17:21,516
हिम्मतवाली औरतें हमेशा अकेली होती हैं।

767
01:17:21,517 --> 01:17:23,518
औरतें अकेली रहकर हिम्मतवाली बनती हैं।

768
01:17:23,519 --> 01:17:24,811
तुमसे बहुत प्यार है।

769
01:17:25,812 --> 01:17:27,856
तुमसे प्यार है।

770
01:17:29,525 --> 01:17:32,027
बाय...

771
01:17:35,739 --> 01:17:37,533
वे चली गईं।

772
01:17:42,037 --> 01:17:48,669
वह इस रेगिस्तान में बच गई,
अब ज़बीरा की जेल में चलते हैं।

773
01:17:50,170 --> 01:17:54,966
इस्तेमाल से पहले, हर चीज़ साफ़ होनी चाहिए।

774
01:17:54,967 --> 01:17:57,510
यह सोचो कि अपने मुँह में डालनी है।

775
01:17:57,511 --> 01:18:00,054
इस क्लीनिक के नियम मानकर चलिए।

776
01:18:00,055 --> 01:18:02,391
मरीज़ की ज़िम्मेदारी न ली
तो मरीज़ नहीं आएँगे।

777
01:18:07,688 --> 01:18:11,149
क्लीनिक छोड़कर जाने से दिल टूट रहा है।

778
01:18:11,692 --> 01:18:15,279
और तो और,
मैं अपनी सहेलियों को कैसे छोड़ सकती हूँ?

779
01:18:15,654 --> 01:18:19,073
मेरी साथियों को,
जिनसे मैं संघर्ष के इस सफ़र पर मिली।

780
01:18:19,074 --> 01:18:24,621
अपने साथ मुकाबला करने वाली
औरतों से विदा लेना बहुत मुश्किल है।

781
01:18:25,414 --> 01:18:30,084
मेरा परिवार खुले विचारों वाला नहीं था।

782
01:18:30,085 --> 01:18:32,253
मैंने खूब पढ़ाई की, डॉक्टर बनी,

783
01:18:32,254 --> 01:18:34,964
और देश में ऐसे मुश्किल दौर के बावजूद
अपना काम कर पाई।

784
01:18:34,965 --> 01:18:38,926
मैं यह सोच भी नहीं सकती

785
01:18:38,927 --> 01:18:44,056
कि शायद तालिबान उसे जलाकर खाक कर देगा।

786
01:18:44,057 --> 01:18:47,269
हर उस चीज़ को, जिसके लिए मैंने मेहनत की।

787
01:19:04,661 --> 01:19:10,458
कल सेफ़ हाउस से एक आदमी आया और हमसे बोला

788
01:19:10,459 --> 01:19:15,087
कि हम अब वहाँ नहीं रह सकतीं।

789
01:19:15,088 --> 01:19:16,965
हमें निकलना पड़ा।

790
01:19:18,008 --> 01:19:20,885
हम बहुत ही खौफ़नाक हालात में हैं।

791
01:19:20,886 --> 01:19:23,222
हमारे पास पैसा भी नहीं है। काश पैसा होता।

792
01:19:26,808 --> 01:19:29,810
हमारे परिवार काबुल में हैं
उनके वीसा तैयार नहीं हैं,

793
01:19:29,811 --> 01:19:32,314
बहुत ही विवादास्पद मुद्दा हो गया है।

794
01:19:33,482 --> 01:19:37,151
हर वीसा के 450 डॉलर लगते हैं,

795
01:19:37,152 --> 01:19:43,742
पाँचवीं बार
हमारी मुलाकात रद्द कर दी गई है।

796
01:19:44,910 --> 01:19:48,579
इस सब के बीच में,

797
01:19:48,580 --> 01:19:52,584
यह गाड़ी भी खटारा है
और बार-बार बंद हो रही है।

798
01:19:54,294 --> 01:19:59,799
हमें अपनी गरीबी महसूस हो रही है।

799
01:19:59,800 --> 01:20:05,805
हमारे पास किसी का सहारा नहीं है।

800
01:20:05,806 --> 01:20:12,895
अल्लाह के सिवा किसी का सहारा नहीं है।

801
01:20:12,896 --> 01:20:19,986
हमारी तकलीफ़ों की,
और बार-बार जगह बदलने की हद हो चुकी है।

802
01:20:19,987 --> 01:20:22,822
हम रोकर भी तंग आ चुकी हैं।

803
01:20:22,823 --> 01:20:24,991
मेरे आँसू सूख चुके हैं।

804
01:20:24,992 --> 01:20:30,663
कल से, हम आवारा कुत्तों की तरह
सड़कों पर भटक रही हैं।

805
01:20:30,664 --> 01:20:32,415
अल्लाह की कसम।

806
01:20:32,416 --> 01:20:36,336
{\an8}क्लीनिक सुरक्षा फुटेज

807
01:20:38,630 --> 01:20:41,924
देखो, वहाँ देखो। शायद अगवा किया जा रहा है।

808
01:20:41,925 --> 01:20:45,012
एक के पास बंदूक थी।

809
01:20:49,266 --> 01:20:51,768
ओमिद, यह गाड़ी देखो। इसका काँच काला है।

810
01:20:55,105 --> 01:20:57,732
मैंने ज़ाहरा को गाड़ी में घुसते देखा।

811
01:20:57,733 --> 01:20:59,610
- तुम्हारी पत्नी है?
- हाँ।

812
01:21:01,904 --> 01:21:06,032
{\an8}ज़रा पीछे जाओ। मुझे एक बार और देखना है।

813
01:21:06,033 --> 01:21:10,203
{\an8}उसने आकर पूछा
कि डॉ. ज़ाहरा कहाँ है और फिर चला गया।

814
01:21:10,204 --> 01:21:12,997
{\an8}- वह लौटकर आया?
- हाँ।

815
01:21:12,998 --> 01:21:16,292
{\an8}वीडियो पर दिखने वाला समय सही है क्या?

816
01:21:16,293 --> 01:21:18,002
{\an8}वाकई में गाड़ी का काँच काला है।

817
01:21:18,003 --> 01:21:20,214
{\an8}कुछ भी देख पाना नामुमकिन है।

818
01:21:26,845 --> 01:21:28,639
{\an8}चलाओ।

819
01:21:41,151 --> 01:21:42,485
ज़ाहरा मोहम्मदी को

820
01:21:42,486 --> 01:21:47,532
उनके दफ़्तर से गायब हुए
कई महीने बीत चुके हैं।

821
01:21:47,533 --> 01:21:50,285
किसी को नहीं पता कि वह कहाँ हैं।

822
01:21:51,703 --> 01:21:56,582
स्कूलों और युनिवर्सिटियों को बंद हुए
एक साल हो चुका है।

823
01:21:56,583 --> 01:22:00,087
सभी अफ़गानी औरतों को घर पर बैठे।

824
01:22:03,382 --> 01:22:05,550
सुबह के तीन बजे हैं।

825
01:22:05,551 --> 01:22:11,597
कभी-कभी मैं रात को उठती हूँ
और उबलते पानी का गिलास उठाती हूँ,

826
01:22:11,598 --> 01:22:18,647
तनहा पलों में
कलम और किताब मेरे साथी होते हैं।

827
01:22:19,815 --> 01:22:22,149
अभी भी तालिबान का हुक्म चल रहा है।

828
01:22:22,150 --> 01:22:25,987
हालात काफ़ी डरावने हैं।
काबुल पूरी तरह से उजड़ चुका है।

829
01:22:25,988 --> 01:22:29,741
मुझे हर चीज़ याद आती है।

830
01:22:30,534 --> 01:22:36,163
वो दिन याद आते हैं
जब लड़कियाँ रंगीन कपड़े पहनती थीं,

831
01:22:36,164 --> 01:22:37,916
काले कपड़े नहीं।

832
01:22:45,007 --> 01:22:49,136
यकीन करने वाले अल्लाह पर भरोसा रखें।

833
01:24:22,020 --> 01:24:27,067
ब्रेड & रोज़ेज़

834
01:24:29,152 --> 01:24:34,574
मेरा जुर्म यह है
कि मैंने इंसाफ़ की भीख माँगी।

835
01:24:34,575 --> 01:24:39,954
मैंने आज़ादी माँगी,
इसलिए मुझे यहाँ छुपना होगा।

836
01:24:39,955 --> 01:24:45,251
मैंने औरतों के लिए और अपनी सरज़मीं के लिए

837
01:24:45,252 --> 01:24:48,337
आज़ादी माँगी।

838
01:24:48,338 --> 01:24:54,678
मुझे अपने परिवार से दूर रहना होगा।

839
01:24:57,389 --> 01:25:04,396
पर यह बिल्ली हमेशा मेरे साथ होती है।

840
01:25:08,650 --> 01:25:13,864
महिला कार्यकर्ता
ऐसी जगहों में छुपकर बैठी हैं।

841
01:25:14,823 --> 01:25:17,283
ध्यान दें
कि युनिवर्सिटी की एंट्रेंस परीक्षा के लिए,

842
01:25:17,284 --> 01:25:21,662
यह काफ़ी काम आएगा।

843
01:25:21,663 --> 01:25:26,793
मिसाल के तौर पर, मैं
अफ़गानिस्तान के बारे में पंक्ति कहती हूँ।

844
01:25:27,419 --> 01:25:31,547
मुझे अफ़गानिस्तान की याद आती है।

845
01:25:31,548 --> 01:25:35,802
मैं कह रही हूँ,
"मुझे अफ़गानिस्तान की याद आती है।"

846
01:25:37,763 --> 01:25:41,182
"पंद्रह अगस्त, 2021 के बाद से,
हज़ारों औरतें रोटी, नौकरी और आज़ादी की

847
01:25:41,183 --> 01:25:43,267
माँग करते हुए काबुल की सड़कों पर उतरीं।

848
01:25:43,268 --> 01:25:46,729
सैंकड़ों को गिरफ़्तार किया गया,
सताया गया या मार दिया गया।

849
01:25:46,730 --> 01:25:50,192
बहुत सी औरतें अभी भी गायब हैं।"

850
01:25:51,652 --> 01:25:53,611
ज़ाहरा, शरीफ़ा और तारानोम अब

851
01:25:53,612 --> 01:25:56,907
अफ़गानिस्तान से बाहर
नई ज़िंदगियाँ बना रही हैं।

852
01:27:59,530 --> 01:28:01,532
अनुवादक: परवीन कौर शोम



